Technical Entry Scheme TES Recruitment 2021: 12वीं पास स्टूडेंट्स के लिए भारतीय सेना में ऑफिसर बनने का शानदार मौका आया है. इंडियन आर्मी ने इसके लिए joinindianarmy.nic.in पर एक शार्ट नोटिफिकेशन जारी किया है.

Indian Army Recruitment 2021: भारतीय थल सेना में ऑफिसर बनने के 12वीं पास युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण अवसर आया है. पात्र और इच्छुक स्टूडेंट्स इसके लिए 1 फरवरी से अप्लाई कर सकते हैं. इसकी जानकारी के लिए joinindianarmy.nic.in पर इसका शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी किया गया है. इस भर्ती परीक्षा का डिटेल्स नोटिफिकेशन जल्द ही जारी किया जायेगा. इस भर्ती परीक्षा के लिए वे स्टूडेंट्स पात्र होंगें जो कक्षा 12वीं की परीक्षा विज्ञान वर्ग से पास होंगे. ये भर्तियां ‘10+2 टेक्निकल एंट्री स्कीम (टीईएस) कोर्स-45’ के तहत की जाएंगी. इस ट्रेनिंग के लिए जिन कैंडिडेट्स का चयन किया जाएगा. उन्हें लेफ्टिनेंट की रैंक पर परमानेंट कमिशन प्रदान किया जाएगा.


10+2 टेक्निकल एंट्री स्कीम (टीईएस) के लिए कौन कर सकता है अप्लाई?

टेक्निकल एंट्री स्कीम कोर्स के लिए विज्ञान विषय से 10+2वीं कक्षा पास केवल अविवाहित पुरुष कैंडिडेट्स ही आवेदन के पात्र हैं. स्टूडेंट्स को मान्यता प्राप्त बोर्ड/स्कूल से न्यूनतम 70 फीसदी अंकों के साथ फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स विषयों से 12वीं पास होना चाहिए.


टेक्निकल एंट्री स्कीम के तहत कोर्स 45 के लिए चयनित कैंडिडेट्स को चार वर्षीय पाठ्यक्रम पूरा करना होगा. इस कोर्स को पूरा करने के बाद चयनित कैडिट को लेफ्टिनेंट की रैंक पर परमानेंट कमीशन देकर नियुक्त किया जाएगा.


कब से करना है आवेदन

इंटरमीडिएट विज्ञानं विषय के साथ  पास और अविवाहित कैंडिडेट्स अपने आवेदन ऑनलाइन माध्यम से अप्लाई करना होगा. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया joinindianarmy.nic.in पर 1 फरवरी से शुरू होगी. आवेदन करने के पहले स्टूडेंट्स ऑफिशियल नोटिफिकेशन का डिटेल्स पढना होगा.


ट्रेनिंग

  • कैंडिडेट्स के ट्रेनिंग की अवधि कुल पांच साल होगी. इस दौरान उन्हें 1 साल बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग और 4 साल की टेक्निकल ट्रेनिंग दोनों को सफलता पूर्वक पास करना होगा. .
  • बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी गया में दी जाएगी.
  • चार वर्षीय टेक्निकल ट्रेनिंग दो चरणों में होगी. पहला चरण में प्री कमीशन ट्रेनिंग का होगी, जो तीन साल की होगी. दूसरे चरण की पोस्ट कमीशन ट्रेनिंग एक साल की होगी.
  • फाइनल एग्जाम पास करने वाले उम्मीदवारों को इंजीनियरिंग की डिग्री प्रदान की जाएगी.
  • इसके अलावा ट्रेनिंग के चार साल सफलतापूर्वक पूरे करने वाले उम्मीदवारों को सेना में लेफ्टिनेंट की रैंक पर परमानेंट कमीशन दिया जाएगा.