लॉक डाउन में बेरोजगार हुए युवाओं को आकर्षित करने वाला एक विज्ञापन शनिवार को अखबारों में प्रकाशित हुआ। एक एजेंसी ने समाचार पत्र में विज्ञापन निकाल कर रेलवे के आठ पदों पर 5,285 रिक्तियों के लिए आवेदन आमंत्रित किया है। आवेदन करने वालों से 750 रुपए का ऑनलाइन भुगतान भी मांगा गया है। जब इस विज्ञापन के संबंध में हिन्दुस्तान अखबार ने रेलवे के अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि किसी ने फर्जी वैकेंसी निकाली है। इसमें किसी ठग गिरोह का हाथ हो सकता है।

एक सेवा प्रदाता कंपनी होने का दावा करते हुए एजेंसी ने अपनी वेबसाइट के माध्यम से 10 सितंबर शाम पांच बजे तक आवेदन करने का समय दिया है। 5,285 रिक्तियों में जूनियर असिस्टेंट के लिए 600, कंट्रोलर 35, बुकिंग क्लर्क 430, गेटमैन 1,200, कैंटीन सुपरवाइजर 350, पियून 1,460, केबिन मैन 780 और वेल्डर के 430 पद शामिल हैं। हर पद के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता तय की गई है। साथ ही मासिक आमदनी का भी ब्योरा दिया गया है। मजेदार बात तो यह है कि सिर्फ इंटरव्यू के आधार पर संरक्षा संवर्ग की नौकरियां देने का वादा किया गया है। आवेदन करने वालों को सरकार भले ही अधिकतम 35 वर्षों तक मौका देती है लेकिन इस एजेंसी ने 18 से 40 वर्ष तक के अभ्यर्थियों से आवेदन मांगा है।


एजेंसी ने पांच राज्यों के अभ्यर्थी से मांगी अर्जी
ऐसे तो रेलवे के क्षेत्र का बंटवारा जोन से होता है। भारतीय रेलवे 17 जोन में बंटा है। लेकिन विज्ञापन निकालने वाली एजेंसी ने सिर्फ पांच राज्य बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन आमंत्रित किया है। एजेंसी की वेबसाइट पर दावा किया गया है कि उनकी कंपनी सरकारी विभागों के लिए अनुबंध पर कर्मचारियों को बहाल करती है। रेलवे के लिए आउटसोर्स पर 10 से 13 लाख वेकैंसी निकालने का लक्ष्य रखा गया है।
रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक, रेलवे मामले की जांच में जुट गया है। रेलवे की ओर से कोई भी विज्ञापन जारी नहीं किया जा सकता है और न ही किसी भी माध्यम से रेलवे में किसी भी प्रकार की नौकरी का भरोसा दिया जा सकता है।