केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय एनआईओएस डीएलएड को शिक्षकों की नियुक्ति के लिए मान्य घोषित करने के पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील नहीं करेगा। मंत्रालय ने एनसीटीई को इस बारे में निर्देश जारी कर दिया है। इस तरह एनआईओएस डीएलएड सभी शिक्षकों को इसका लाभ मिल सकेगा।

18 महीने के डीएलएड कार्यक्रम को उन 15 लाख शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया था, जो अप्रशिक्षित थे और आरटीई कानून के चलते उनकी नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा था। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) ने करीब 13 लाख शिक्षकों को यह कोर्स कराया था। इसके लिए संसद में कानून पारित कर विशेष रूप से मंजूरी ली गई थी। हालांकि, कोर्स करने के बाद जब बिहार के निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों ने सरकारी भर्ती के लिए आवेदन किया तो बिहार सरकार ने एनसीटीई से इस बारे में राय मांगी कि क्या ये शिक्षक भर्ती के लिए योग्य हैं? जवाब में एनसीटीई ने 18 माह के डीएलएड को अमान्य करार दे दिया। इसके बाद शिक्षक पटना हाईकोर्ट की शरण में गए थे। हाईकोर्ट ने इस कोर्स को नई नियुक्तियों के लिए भी मान्य घोषित किया था।

संयुक्त प्रवेश परीक्षा 28 को
एनसीटीई से मान्यता एवं बिहार बोर्ड से संबद्धता प्राप्त सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए होने वाली डीएलएड संयुक्त प्रवेश 28 मार्च को ली जाएगी।